बाल विवाह रोको

बाल विवाह मनुष्य जाति के लिए एक अभिशाप है जो आज भी दुनिया के कई कोनों में फल-फूल रहा है। यह जीवन का एक कड़वा सच है कि आज भी छोटे-छोटे बच्चे इस प्रथा की भेंट चढ़े जा रहे हैं। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में बच्चे बाल-विवाह के बंधन में बाँध दिए जाते हैं।

भारत में यह प्रथा लम्बे समय से चली आ रही है जिसके तहत छोटे बच्चों का विवाह कर दिया जाता है। आश्चर्य की बात तो यह है कि आज के पढ़े लिखे समाज में भी यह कीड़ा अपना स्थान बनाए हुए है। जो बच्चे अभी खुद को भी अच्छे से नहीं समझते, जिन्हें ज़िन्दगी की कड़वी सच्चाईयों का कोई ज्ञान नहीं, जिनकी उम्र अभी पढने लिखने की होती है उन्हें बाल विवाह के बंधन में बांधकर क्यों उनका जीवन बर्बाद कर दिया जाता है?

कई लोग तो भला इतने नींच हो जाते है कि अपनी उम्र तक का लिहाज़ नहीं करते। और क्या कहा जा सकता है इन लोगो के बारे में ज़रा आप ही बताइए जो असल में बढती उम्र की सूली पर चढ़ रहे होते हैं और अपने पोतो की उम्र की बच्चियों से विवाह करने में उत्सुक रहते हैं।

ऐसा अनुमानित है कि दुनिया में होने वाले बाल विवाह में भारत से 40% बाल विवाह होते हैं। ऐसा भी पाया गया है कि लड़कियां लडको के मुकाबले इस प्रथा का ज्यादा शिकार होती हैं जिसके चलते उन्हें बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दहेज़ से लेकर नौकरानी के तरह काम करना, उनका जीवन दूभर कर जाता है। सबसे ज्यादा मुश्किल तब हो जाती है जब ये छोटी बच्चियां प्रसव के दौरान मौत के घाट उतार दी जाती हैं। दुःख की बात यह है कि तब भी इन समाजवादी लोगों के आँखों से पट्टी नहीं उतरती।

देश-दुनिया में बाल विवाह आज भी हो रहें है। हम माने या न माने पर इंसान प्रगति तो कर रहा है पर अभी भी कुछ वर्ग ऐसे हैं जो बहुत पीछे हैं और ऐसी प्रथाओं का समर्थन कर रहे हैं। आय दिन आज भी कोई न कोई खबर ये बताने आ ही जाती है कि कैसे एक और बच्ची बाल विवाह के कारण अपने जीवन से हाथ धो बैठी।

उन धर्म के ज़मींदारो को उस वक़्त शर्म नहीं आती जब एक लड़की अपने प्राण छोड़ देती है लेकिन इस प्रथा को बंद करने से उनके पूर्वज या उनके भगवन या इश्वर नाराज़ हो जाते हैं जैसे की दुनिया के सबसे अमीर और सबसे शक्तिशाली लोग बाल विवाह कर के ही बने हैं।

जितने बेवकूफ ये लोग हैं उतनी ही छोटी इनकी मानसिकता है। अपनी हवास को धर्म का नाम देकर ये लोग अपना घटियापन छुपाने की ही तो कोशिश करते हैं| भला कौन सा इश्वर या भगवान् किसी बाल विवाह कर किसी लड़की की ज़िन्दगी ख़तम करने को कहता है?

जब तक लोग भली प्रकार से शिक्षित नहीं हो जाते, इस कीड़े को उखाड़ फेंकना मुश्किल है परन्तु यदि सब लोग मिलकर कार्य करें तो क्या पता आपके द्वारा किया गया छोटा सा प्रयास किसी की ज़िन्दगी बचा ले।

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