हॉलीवुड की 5 सबसे खराब फिल्में जिसे ऑस्कर पुरस्कार जीता

आलोचकों की राय और आवॉर्ड मिलना किसी फिल्म की सफलता का एक पैमाना होता है। इससे उस फिल्म की पॉप्युलैरिटी बढऩे के साथ लंबे समय तक देखने वालों के जेहन में ताजा रहती हैं। लेकिन कुछ फिल्में इन तर्क को गलत साबित करती हैं। खासकर चौकाने वाली बात यह है कि हॉलीवुड की कुछ फिल्में जिन्हें सबसे बड़े फिल्म अवॉर्ड ऑस्कर से नवाजा गया है। वो अब तक की सबसे खराब फिल्में मानी गई हैं। ये ऐसी फिल्में हैं जो दर्शकों का दिल नहीं जीत पाईं। जानिए कौन सी हैं वो हॉलीवुड फिल्में..

१. द हेल्प
२०११ में आई इस फिल्म को बेस्ट सपोर्टिंग अभिनेत्री के लिए ऑक्टाविया स्पेंसर को ऑस्कर मिला था। यह एक २००९ के कैथरेन स्टॉकेट के बेस्ट सेलिंग नॉवेल पर आधारित थी। इस फिल्म के दो कैरेक्टर मुख्य भूमिका में थे विओला डेविस और ऑक्टाविया स्पेंसर। फिल्म की स्टोरी अच्छी थी लेकिन नैरेशन का तरीका लोगों को पसंद नहीं आया था।

२. द आयरन लेडी
यह एक बायोग्राफिक फिल्म थी, जो मार्गेट थेचर के जीवन पर आधारित थी। मार्गेट २०वीं शताब्दीं में लंबे समय तक ब्रिटिश प्रधानमंत्री रही थीं। इनका किरदार मेरिल स्ट्रीप ने निभाया था। इसके लिए मेरिल को बेस्ट एक्ट्रेस और फिल्म को बेस्ट मेकअप की कैटगरी में ऑस्कर अवॉर्ड दिया गया था। इस फिल्म को मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली थी। लेकिन मेरिल की अदाकारी को काफी सराहा गया था। इस फिल्म को ज्यादातर लोगों ने इसलिए खास पसंद नहीं किया क्योंकि मार्गेट के जीवन के कई नकारात्मक पहलुओं को निर्देशक ने नहीं दिखाया था। जिससे यह सच्चाई फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाई।

३.द वुल्फ मैन
२०१० में आई द वुल्फ मैन को बेस्ट मेकअप की कैटेगरी में ऑस्कर मिला था। खास बात यह है कि इसमें कंप्यूटर जनरेटेड मेकअप का इस्तेमाल नहीं किया था। फिल्म की धीमी रफ्तार सबसे बड़ा कारण थी जो लोगों को नहीं पसंद आया था। इस फिल्म का स्क्रीन प्ले एंड्रयू केल्विन और डेविड सेल्फ ने लिखा था। इस फिल्म में क्रिएटिव चीजों को जोडऩे को लेकर टीम में काफी बहसबाजी भी हुई थी। हालांकि ऑस्कर मिलने के बाद सम्बंध सामान्य हुए थे। वुल्फमैन देखने को लेकर बच्चों में काफी क्रेज देखने को मिला था। चाहें वो किसी भी देश के हों।

४. अवतार
स्पेशल इफेक्ट से भरपूर फिल्म अवतार को तीन कैटैगरी में अवॉर्ड मिले थे। ये थीं बेस्ट आर्ट डायरेक्शन, सिनैमेटोग्राफी और विजुअल इफैक्ट। फिल्म के निर्देशक जेम्स कैमरून को काफी सराहना भी मिली थी। फिल्म में विजुअल इफेक्ट, लोकेशन और ग्राफिक पर अच्छा काम किया गया था। लेकिन स्टोरीलाइन साधारण होने के कारण लोगों को यह उतना आकर्षित नहीं कर पाई थी, जितना करना चाहिए था। इस फिल्म कैरेक्टर को ड्रेगन की तरह हवा में उड़ते हुए दिखाया गया था। साथ ही शरीर में बदलाव करके दूसरी दुनिया में जाने की कहानी को पहली बार पर्दे पर पहली बार दिखाया गया था। लेकिन इसके क्लाइमेक्स को लेकर लोगों ने निराशा भी जाहिर की थी। स्टोरी को देखते हुए इसके अंत का लोगों को अंदाजा हो गया था।

५. एलिस इन वंडरलैंड
इस फिल्म ने बेस्ट आर्ट डायरेक्शन की कैटेगरी में ऑस्कर अवॉर्ड जीता था। मेकअप इफेक्ट और स्पेशल ग्राफिक्स का फिल्म में खूबसूरती से इस्तेमाल किया गया था। यह मात्र १०८ मिनट की फिल्म थी। यह लोगों को एंटरटेन करने में उतनी अच्छी साबित नहीं हुई जितनी की उम्मीद की गई थी। यह एक अमरीकन फैंटेसी फिल्म थी। जिसे टिम बर्टोन ने निर्देशित किया था। जॉनी डेप, एनी हाथवे, क्रिस्पिन ग्लोवर जैसे कलाकारों ने वॉयस ओवर दिया था। यह वाल्ट डिज्नी की १९५१ में आई एक फिल्म से प्रेरित थी। फिल्म में १९ साल की एक लड़की की कहानी बताई गई है। फिल्म का वाल्ट डिजनी ने निर्माण किया था। फिल्म का प्रीमियर लंदन के ओडियन लेसिस्टर स्क्वैयर में किया गया था। फिल्म को ३डी, रियल ३डी, आई मैक्स जैसे फॉर्मेट में पेश किया गया था।

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