हिटलर के बारे में कुछ अनसुनी बातें

20 अप्रेल 1889 को ऑस्ट्रीया नामक देश में विश्व के सबसे खतरनाक माने जाने वाले शख्स का जन्म हुआ था। एक समय अडोल्फ हिटलर के भय से यहुदियों के पांव भी थरथर्राने लगते थे। हिटलर की क्रूरता के पीछे उस समय ओस्ट्रिया और जर्ममनी के सबंध और वहां के हालात जिम्मेदार थे। हिटलर से यहुदीयो को आज भी चिड़चिड़ाहट है, इसका ताजा वाक्या गुजरात के अहमदाबाद नामक शहर में हुआ था। अहमदाबाद में एक दुकानदार ने अपनी शॉप का नाम हिटलर रखा था। जिसके बाद से ये दुकान बहोत ही चर्चा में रही थी। यहुदीयों ने उस दुकानदार को अपनी दुकान का नाम बदल ने पर मजबुर कर दीया था।

बता दें की, नाझी पार्टी के लिडर और जर्मन पोलिटिश्यन थे हिटलर। 1939 में हिटलर ने पोलेन्ड पे हल्ला बोल के दुसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत की थी। फिर भी विश्व में सबसे पहला नोबेल पिस हांसिल करने वाले हिटलर ही थे।
विश्वयुद्ध में जर्मनी को हारता देख यहुदीओ पर हिटलर की नफरत और भी बढती गइ। अडोल्फ यहुदीओ को दानव और खुद को मसिहा मानने लगा था। ब्रिटिश गुप्तचर एजन्सीओ ने हाल में ही जारी किये दस्तावेज में जाना गया की हिटलर के भाषण में यहुदीओ के खिलाफ फैलती नफरत की आग के संकेत दिखने लगे थे।

तानाशाह हिटलर ने अपने कार्यकाल में 30 लाख से भी ज्यादा यहुदीओ को मरवा दीये थे। यहुदीओं के खिलाफ इतनी नफरत के बावजुद भी हिटलर का पहला प्यार तो एक यहुदी महिला ही थी लेकिन हिटलर कभी अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाया था।

हिडटलर को खलनायक बनाने मे उनके एक शिक्षक का हाथ था, ऐसा खुद हिटलर ने अपनी आत्मक्था मे लिखा है। मीडिया के लिये हिटलर सेन्सर बोर्ड का काम करता था, जर्मनी के समाचार पत्रों की हर हेडलाइन्स हिटलर खुद सिलेक्ट करता था।

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हिटलर जल्द ही भद्दा होने की बिमारी का पीडित था। इस बिमारी से छूटकारा पाने के लिए हिटलर विभिन्न 28 तरह की दवाइ लेता था और 80 तरह के ड्रग्स का भी सेवन करता था। जिसमें से हिटलर को सांढ का स्पर्म, रेट किलर और मॉर्फिन सबसे ज्यादा पसंद थे।

इस बात को नजर अंदाज नहीं कीया जा शकता की विश्व में सबसे पहला एन्टी डॉबेको केम्पेन हिटलर ने ही चलाया था। लाखो लोगों की हत्या करने वाला हिटलर पशु प्रेमी था. इतना ही नहीं, उसने शिकार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था और लैब में जांच करने के लिए पशुओं का इस्तेमाल न करने का फरमान जारी किया था।

बता दें की 1938 में टाइम्स मेगेझीन ने हिटलर को ‘धी मेन ऑफ धी यर’ का टाइटल दिया था।
कहा जाता है की 30 अप्रेल 1945 को हिटलर ने अपनी मित्रा इवा ब्राउन के साथ आत्महत्या कर ली थी। बता दें की, आठ साल बाद रशियन फौजीओने शिल कीये हुए बंकर मे से दो छूपी सुरंग ढुंढ निकाली थी जिसमे से हिटलर की मानेजाने वाली खोपड़ी मीली, डीएनए टेस्ट के बाद पता चला की ये खोपरी हिटलर की नहीं बलकी उसकी महिला मित्रा की थी। तब यह सवाल खडा खडा रहता है की क्या द्वितिय विश्वयुद्ध के बाद हिटलर ने आत्महत्या नहीं की थी? क्या वो नाम और पहेचान बदलकर अपनी जिंदगी के मजे लुंट रहा था?

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