भारत की शान माने जाने वाले ये फूड भारतीय नहीं विदेशी हैं

समोसा, चाय, गुलाब जामुन, नान रोटी और जलेबी जैसी कई चीजें है जिसे हम भारत की देन समझे हैं। लेकिन ये विश्व के अलग-अलग हिस्से से भारत आई हैं। इन चीजों ने अपना कुछ ऐसा स्वाद छोड़ा कि इसे भारतीय डिश समझ लिया गया। जानिए कौन सी हैं ये चीजें…

समोसा
समोसे का नाम लेते ही मुंंह में पानी आने लगता है। इसकी खुशबू और स्वाद के तो भारतीय दीवाने हैं। भारत के ज्यादातर शहरों में आसानी से मिलने वाले समोसे की शुरूआत मध्य पूर्व देशों से हुई थी। इसे संभोसा का नाम दिया गया था। भारत में समोसे का १३वीं और १४वीं शताब्दी के बीच में शुरू हुआ। यह भारत में वहां से आने वाले व्यापारियों के कारण आया। धीरे-धीरे भारतीयों को यह इतना पसंद आया कि बस यहां का होकर रह गया।

गुलाब जामुन
यह एक ऐसी मिठाई है जिसे देखकर बिना खाए रहा नहीं जा सकता। भारत में शायद ही ऐसा कोई राज्य होगा जहां ये न उपलब्ध हो। भारतीयों की सबसे पसंदीदा मिठाई कहा जाने वाला गुलाब जामुन पर्सिया की देन है। ये पर्सिया की खास डिश लुकमात-अल-कादी से प्रेरित है। वहां इसे बनाने के लिए शहद को बतौर चाशनी इस्तेमाल किया जाता था। भारत आने पर इसके स्वरूप और बनाने के तरीके में थोड़ा बदलाव हुआ और इसे गुलाम जामुन के नाम से जाना गया।

चाय
सुबह से लेकर शाम तक ४-५ चाय लेना बेहद सामान्य सी बात है। थोड़ा सिरदर्द होने या नींद को दूर भगाने के लिए ली जाने चाय को कई दशकों पहले चीन में इसे एक दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन बाद में इसे ब्रिटेन इसे एक खोज का नाम देते हुए अपने देश में इसकी शुरूआत की। ब्रिटेन चाय को लेकर चीन का एकाधिकार खत्म करना चाहता था। इसलिए उसने नार्थ इंडिया के लोगों को चाय के बागान लगाने को कहा और उसके बदले में उन्हेंं बेहतर प्रोत्साहन राशि देने की बात तय हुई। और इस तरह चाय भारत का हिस्सा बन गई। १९५० तक चाय भारत में इतनी लोकप्रिय हो गई कि कोई इससे दूर नहीं रह सका।

नान रोटी
शार्दी-पार्टी से लेकर रेस्तरां तक में नान रोटी की काफी डिमांड रहती है। लेकिन यह चौकानी बाली बात है कि इसकी खोज बे्रड के सप्लीमेंट के तौर पर हुई थी। अमरीका और यूरोप देशों में इसका इस्तेमाल चिकन टिक्का का हिस्सा बनाकर किया गया था। भारत में इसकी शुरुआत मुगल शासन काल में हुई थी। धीरे-धीरे यह भारत में इतनी प्रसिद्ध हुई कि इसने रोटी की तरह इस्तेमाल किया जाने लगा।

जलेबी
जलेबी को भारतीय मिठाई के तौर पर जाना जाता है। भारत के कई राज्यों में दिन की शुरुआत ही दही-जलेबी से की जाती है। इसकी पॉप्युलेरिटी का आलम यह है कि बॉलीवुड फिल्म रासकल्स में जलेबी के नाम से आइटम नम्बर भी फिल्माया जा चुका है। इसकी शुरुआत मिडिल ईस्ट देशों (तुर्की, ईरान, ईराक) से हुई थी। मुस्लिम देश होने के कारण इसका नाम अरब कल्चर से प्रेरित था। इसे ज़लाबिया नाम दिया गया था। यह डिश भारत में पर्सियों के लोगों द्वारा लाई गई थी। भारत में धीरे-धीरे दक्षिण के राज्यों में इसका स्वरूप बदला और नाम दिया जानगिरी और इमरती। जो धीरे-धीरे जलेबी में तब्दील हो गई।

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