जानिए कैसे पांचो पांडवो के साथ द्रौपदी ने मनाई थी अपनी पहली रात , जानकर हैरान रह जायेंगे आप !!

महाभारत जो की हिन्दू समाज के मान्यता के अनुसार सबसे बड़ी लड़ाई थी | उस लड़ाई में एक तरफ पांडव थे तो दूसरी तरफ कोरव | पांडव जैसा नाम से ही प्रतीत हो रहा है की पांच भाई थे | द्रौपदी का जन्म कैसे हुआ ये तो हम सब जानते ही है नही जानते तो हम बतादेते है की द्रौपदी हवन के कुंड से पैदा हुई थी | दरअसल एक पंडित अपने दुश्मन को हराने के लिए यघ कर रहा था उसी यघ के दौरान द्रौपदी हुई थी | पांचो पांडवो की शादी द्रौपदी से हुई थी तो आपके मन में जरुर एक विचार आता होगा की आखिर इन सबके साथ अकेली द्रौपदी ने स्वाग्रात कैसे मनाई होगी तो आज हम आपको उसी के बारे में बतायेंग | उसके पहले हम आपको बतादेते है की शादी तो सिर्फ अर्जुन से हुई थी लेकिन अर्जुन जैसे ही घर गये उन्होंने अपनी माँ को आवाज लगाईं देखो माँ मै क्या लाया हूँ , माता कुछ काम कर रही थी तो उन्होंने बिना देखे ही बोल दिया जो है पांचो भाई बाँट लो , च्योंकि पुराने जवाने में बच्चे बहुत आघ्याकारी होते थे उन्होंने वैसा ही किया और इस प्रकार पांचो भाई की शादी द्रौपदी से हुई |
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सबसे पहले शादी अर्जुन के साथ हुई थी इसलिए द्रौपदी ने सबसे पहले स्वग्राहत अर्जुन के साथ मनाई फिर बाकी पांचो भाई के साथ एक के बाद एक मनाई | हिन्दू धर्म के अनुसार पांच पति होना सम्भव नही था जिसके लिए पांडवो ने भगवान् शिव से बात करी की हे भगवान् हमें ऐसा वरदान दो की हम हमारी माता की बात भी मान पाए और द्रौपदी अपना पत्नी धर्म भी निभा पाए तो शिव भगवान् ने वरदान दिया की द्रौपदी पांचो की पत्नी बनकर रहेगी | द्रौपदी को वरदान था की वो प्रतिदिन कन्या भाव में चली जाएगी | जिस की वजह से वो कन्या भाव रूप में ही पांचो को प्रदान हुई | कृष्ण भगवान् ने एक और बात कही उसमे उन्होंने कहा की विवाह के बाद द्रौपदी एक एक साल हर पांडव के साथ रहेगी और उस समय के दोरान कोई भी कमरे में प्रवेश नही कर पायेगा |

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