इश्वर के लिए एक छोटे से बच्चे का ख़त

हे ईश्वर,

मेरी माँ मुझे हर रोज़ पूजा करने को कहती है। वो मुझे कहती है कि आपकी पूजा करने से सब दुःख दूर हो जाते हैं। जब मैं आपके मंदिर आया तो मैंने आपसे बहुत सारे प्रशन किए परन्तु आपने जवाब नहीं दिया। शायद उस समय आप सबके सामने मुझसे बात नहीं कर सकते होंगे इसलिए मैं आपको यह ख़त लिख रहा हूँ।
आप ही तो बारिश भेजते हैं, फिर क्यों आपने ऐसा किया? सूखे के कारण आधी पकी हुई फसल बर्बाद हो गयी। माँ कहती है इस बार हमे फिर उधार लेना पड़ेगा पर अब कोई भी हमे उधार देने के लिए तैयार नहीं है।

कल बाबा जब घर आये तो उन्होंने मुझे अपनी गोद में नहीं बिठाया। उनके चेहरे पर वो ख़ुशी नहीं थी जो मुझे देखकर हुआ करती थी। मैं भागकर उनके पास गया पर वे अन्दर वाले कमरे में चले गए और माँ उनके पीछे-पीछे चली गयी। दरवाज़ा बंद था पर मैं भी ज़िद के साथ दरवाज़े के पीछे बैठ गया और ना जाने कब मेरी आँख लग गयी।

जब मैं उठा तो बाबा मेरे साथ बैठे थे और मेरे उठत्ते ही वे मुझे देखकर मुस्कुराए। मैं जा कर बाबा की गौद में बैठ गया। आज बाबा ने मुझे दुलार नहीं किया पर मुझसे कहा-

बबलू, अब तुम बड़े हो गये हो इसलिए आज मैं तुमसे कुछ ज़रूरी बात कहना चाहता हूँ। हम किसान हैं और एक किसान के लिए उसकी जमीन से बढ़कर कुछ नहीं होता, ज़मीन एक किसान की माँ होती है, उस माँ की सेवा करना किसान का धर्म है और तुम्हे भी यह धर्म निभाना है। हाँ, कभी माँ रूठ भी जाए तो उसे छोड़ कर न जाना, पर उसका ध्यान रखना। एक ज़मीन ही तो ज़मीर होता है किसान का, अपने ज़मीर को कभी झुकने मत देना। इस बार बारिश न होने के कारण हमारी फसल ख़राब हो गई है और हमारे पास कमाने का कोई साधन नहीं है इसलिए मैं कुछ पैसे कमाने के लिए शहर जाऊंगा। मेरी अनुपस्थिति में तुम घर के बड़े बेटे हो इसलिए तुम्हे घर का और अपनी माँ का ध्यान रखना है। जब मेने बाबा की ओर देखा तो उनकी आँखे नम थी लेकिन वे मुझे देखकर मुस्कुराए। माँ ने तभी बाबा से कहा कि खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा है और लाला हमे उधार देने से इनकार करता है।

हे ईश्वर, अगर आप हर बार ऐसा करते रहोगे तो मेरे बाबा की आंखे नम होंगी और मैं आपको माफ़ नहीं करूँगा। लेकिन फिर भी मैं आपको एक मौका दे रहा हूँ क्योंकि माँ कहती है कि आप सबकी सुनते हैं। आपने अगर बारिश नहीं भेजी तो कम से कम आप कुछ उधार भेज दें तो मेरे बाबा की परेशानी थोड़ी तो कम होगी। मैं बहुत मेहनत करके आपका उधार वापिस कर दूंगा पर मेरे बाबा की आँखों को नम मत करना।

आशा करता हूँ कि मुझे इस ख़त का जवाब जल्दी ही मिल जाएगा और आप हमारी मदद करेंगे।
आपका प्यारा बच्चा

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