जानिए कहाँ कहाँ मिलते है भगवान

धर्म के नाम पर तो इतने खून खराबा हो चूका है की अब कुछ कह ही नहीं सकते . अगर आपको किसी दो लोगों को आपस में लडवाना है तो आप धर्म के नाम से एक दुसरे को भड़का दीजिये और फिर देखो ,एक दुसरे के खून करने पर उतर आयेंगे चाहे वो कितने भी क्यूँ न भले हो.

क्या कभी किसी ने जानने की कोशिश की है की भगवन कहाँ मिलेगा . बस भगवन को मंदिर या मस्जिद कहीं भी जाकर पूजा कर लो तो वो वहां मिल जाएगा . हमने कभी उन्हें खोजने की कोशिश तक नहीं की .आखिर में वे कहाँ मिलेंगे .

इस बात से आप मानने से इंकार नहीं कर सकते की हर धर्म के भगवन सिर्फ एक ही बात चाहते है वो है प्यार,की आप प्यार के साथ और भाईचारा के साथ एक दुसरे के साथ रहे .भगवन हमेसा यहीं चाहेंगे की उनके भक्त को कोई भी तकलीफ न हो .पर क्या आपने कभी कोशिश की भगवन कहाँ मिलेंगे.हम उन्हें कहाँ खोजे .

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तो चलो आज हम आपको बताते है की भगवन कहाँ मिलते है ?

अच्छे काम में मिलेंगे

अगर कोई भी व्यक्ति मुसीबत में फंस गया है उसके पास कोई भी बचने का रास्ता नहीं है और आप उसे उस मुसीबत से निकाल ले तो उस व्यक्ति के अन्दर उस समय भगवन आ जाता है परन्तु उसके विपरीत अगर वो उस इन्सान को मुसीबत में फसा छोड़ के भाग जाता तोह उस वक्त उसके अन्दर शैतान मोजूद होता है

सकरात्मक सोच

आपको क्या लगता है की हमेसा सही सोचना क्या बहूत ही कठिन है , नहीं ऐसा नहीं है असल में आज कल की दुनिया में सब एक दुसरे की खुशियों से इतना छिड़ते है की आप अंदाजा भी नही लगा सकते . इस तरह उस व्यक्ति के अन्दर शैतान मोजूद रहता है . पर अगर आप हर व्यक्ति की ख़ुशी में खुश रेटे है तो ऐसे हालत में आप खुद के अन्दर भगवन को पायेंगे.

न्याय दिलाने में

वैसे कितना मुश्किल है न की हम जिस व्यक्ति को नहीं जानते फिर भी उसे न्याय दिलाने में लग जाए . ये जानते हुए भी की हम अगर उसको न्याय दिलवाएंगे हमारे ऊपर भी मुसीबत का पहाड़ टूट सकता है . ऐसे इन्सान के अन्दर आपको हमेसा भगवान मिलेंगे . जो सबकी परवाह करते है .अगर हम किसी को ऐसे हालत में देखे रहे है जिसे सजा मिल रही है वो भी उस बात की जो उसने की भी नहीं है . तो उस वक्त हमारे अन्दर शैतान मोजूद रहता है

अच्छी शिक्षा में

इसमें कोई दो राय तो नहीं है की हमारे माँ बाप हमें अच्छी तालीम(शिक्षा) देते है ,पर उसे ज्यादा जरुरी है की  हम उस तालीम पर खरे उतरे. उस दी हुई सिक्षा का सही इस्तेमाल करे और सही रस्ते पर चले .अगर हम सही रास्ता चुनते है तो हमारे अन्दर भगवान आ जाता है .पर उसके विपरीत हम उस शिक्षा का दुरूपयोग करे तो शैतान अन्दर प्रवेश करता है .

सेवा भाव में

किसी की मदद बिना किसी स्वार्थ के करना लोगों को कितना मुश्किल लगता है . हर कोई किसी के लिए तभी काम करता है जब उसे कोई फायदा हो . अगर हम निस्वार्थ होकर काम करे तो हमारे अन्दर भगवान प्रवेश कर जाता है . और अगर हम किसी के लिए काम स्वार्थ  होकर करे तो शैतान आ जाता है

अब मुझे लगता है की आपको आपके प्रश्न अ उत्तर मिल गया होगा की जहाँ आप अच्छा करेंगे वहां भगवन का वास होता है और जहाँ अच्छा काम नही वहां शैतान का वास होता है. भगवन को दिलों में जिन्दा रखने के लिए हमें बुरे छोड़ कर अच्छाई के साथ रहना पड़ेगा .तभी हमारे अन्दर भगवन दिखेंगे .

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