महंगा हुआ भारत पे पढाई लिखाई : Interesting Facts About Education In India

आजकल जब भी किसी के घर मे किसी नन्हे सदस्य की किलकारियां गूंजती है तभी से उसके माता पिता उसकी शिक्षा के लिए बचत करना शुरू कर देते है। और क्यों ना, आज के हालात को देखते हुए ये कहना बिल्कुल भी मुश्किल नही होगा कि किसी भी परिवार के लिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना कोई आसान काम नही है। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है कि हाल में UNESCO द्वारा की गई एक रिसर्च में पाया गया है कि भारत मे स्कूली शिक्षा अन्य किसी भी देश के मुक़ाबले महँगी है। ऐसा क्यों है? चलिए इसके पीछे छुपे कारणों से हम आपको अवगत कराते है।

1. जहाँ एक तरह भारत की आबादी तेज़ी से बढ़ती जा रही है, वही दूसरी तरह असीमित साधन होने की वजह से लोग मौलिक सुविधाओ का भी लाभ नही उठा पाते है।
2. सरकारी स्कूलों की खस्ता हालत से सभी वाकिफ है। इनमे आपको अच्छी शिक्षा तो दूर आपके बच्चे के बैठे के लिए बेंच भी नही मिलेंगे।
3. ऐसे में माता-पिता अपने बच्चे की शिक्षा के लिए प्राइवेट स्कूलो की तरह रुख करते हैं। अब प्राइवेट स्कूल में आपके बच्चे को शिक्षा को मिलेगी पर आपकी जेब पर भी ये भारी पड़ेगी।
4. प्राइवेट स्कूलों में अध्यापकों की योग्यता,बेहतर आधारिक संरचना, आधुनिक सुविधाएं और शिक्षा की गुणवत्ता आपके बजट पर भारी पड़ती है।
5. इन सभी सुविधायों को जुटाने के लिए स्कूल प्रबन्धन फीस के रूप में आपसे धनराशि जमा करवाता है।
6. बढ़ती हुई मुद्रास्फक्ति कि दर भी स्कूल शिक्षा को महँगी करने में बहुत हद तक जिम्मेदार है।
जो पेन पेंसिल आज से 10 साल पहले 1रुपये से लेकर 5 रुपए तक मे आ जाती थी। वही आज 10 रुपये से कम में नही आती।इसी तरह बाकी चीजे जैसे किताबें और कॉपीया भी महँगी हुई है।
7. अत्याधुनिक पढ़याकर्म की वजह से भी शिक्षा में होने वाले खर्च में बढ़ोतरी हुई है। आजकल हर प्रोजेक्ट,हर असाइनमेंट लैपटॉप पर होता है। सिर्फ लैपटॉप के होने से काम नही बनता ।आपको अच्छा इंटरनेट कनेक्शन भी लेना पड़ता है। जहाँ हर कुछ डिजिटल जो रहा है,वहां भला शिक्षा कैसे पीछे रहे।
8. भारतीय शिक्षा में उपयोग में आने वाला पाढ़यकर्म अब उच्च दर्जे का हो गया है। जिसको अच्छे से बच्चों की समझ मे लेन के लिए माता पिता को किसी विशेषज्ञ की जरूरत पड़ती हैं जो कि हाल ही में प्रयोग में लाये जाने वाले पाढ़यकर्म से भली भांति परिचित हो। इसलिए उनको एक ट्यूटर भी ढूँढना पड़ता है जो खर्चे को और बढ़ा देता है।
9. प्राइवेट स्कूलों की निगरानी करने के लिए संघठित समिति का ठीक से काम न करना भी एक कारण ही। सरकारी स्कूलों के निम्न स्तर का फायदा उठा कर ये अपनी मनमानी करने स्कूल की फीस को आये दिन बढ़ाते है जिसका खामियाजा माता पिता को भरना पड़ता है।
10. बढ़ता हुआ जीवन स्तर और आगे भेदने की होड़ ने भी शिक्षा को कही न कही महँगा किया है।

इन सब कारणों के चलते ही भारत मे में शिक्षा पाना दिन ब दिन महँगा होता जा रहा है।

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