आचार्य चाणक्य के बारे में 10 अनसुनी रोचक तथ्य : Interesting Facts About Acharya Chanakya

आचार्य चाणक्य एक ऐसे व्यक्तित्व है जिनका नाम भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरो में लिखा है। अर्थशात्र के क्षेत्र में काम करने वलो में शायद ही कोई ऐसा होगा जो इस महापुरुष के नाम से वाकिफ नही होगा। चाणक्य द्वारा स्थापित की गई राजनीति के दाव पेंच और अर्थशात्र कि नीतियां आज भी अमल में लायी जाती है। आइये इस महापुरुष से जुड़ी कुछ रोचक बातो को जानते है।

1. भारतीय इतिहास के सबसे पहले राजनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे।अगर इतिहास के पन्नो को पलते तो हम जान पाएंगे कि चाणक्य ने पूरे भारत को एक तार में पुरो कर रखा था जब वो एलेक्सजेंडर के हमलों से तीतर बितर हो रहा था।
2. ऐसा माना जाता है कि चाणक्य ने एक महिला सेना बनाई थी जो विषकन्या के नाम से जानी जाती थी। इन विषकन्याओं को रोज़ खाने के साथ बहुत थोड़ी मात्रा में ज़हर दिया जाता था जिसके उनको खून में जहर मिल जाता था।
3. धीरे धीरे ज़हर दिए जाने की वज़ह से इनके शरीर मे विष रोधक क्षमता पैदा हो जाती थी और ये किसी ख़ास मकसद के लिए प्रयोग में लाया जाता था।
4. ऐसा माना जाता है कि चाणक्य एक बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति थे जिनके पास हर संभव परेशानी का हल होता था।
5. मौर्य वंश के गढ़न और संचाल में चाणक्य का योगदान उल्लेखनीय है। ये चाणक्य की बुद्धिमानी का ही फल था जो मौर्य वंश भारत इतिहास के सबसे बड़े वंशो में एक एक था जिसका अधिपत्य आधे से ज्यादा भारत पर था।




6.चंद्रगुप्त मौर्य जो मौर्य वंश के संथापक थे,उनके उथान में आचार्य चाणक्य ने बहुत महत्वपूर्ण बहुत निभाई थी। चंद्रगुप्त के युद्ध कौशल को देखते हुए ,उनको किसी हथियार से मारना असंभव था। एक विष ही ऐसा हथियार था जिससे चंद्रगुप्त को मार जा सकता था। इस संभावना को भी खत्म करते हुए, चाणक्य ने प्रतिदिन उनको बहुत ही कम मात्रा में विष देना शुरू कर दिया जिससे उनके शरीर मे विष प्रतिरोधकता पैदा हुई।
7. चाणक्य की कुट नीतियो के कारण ही एलेक्सजेंडर को मुँह की कहानी पड़ी थी।
8. चाणक्य के द्वारा लिखे गए ग्रथ चाणक्य नीति और नीतिशास्त्र,आज के समय मे भी सार्थक है। उन्ही के कलम की एक और महान रचना है – अर्थशास्त्र जो 2000 साल के बाद भी उपयोग में लाया जाता है।
9. चाणक्य, विष्णुगुप्त और कौटिल्य के नाम से भी जाने जाते थे।कुछ मान्यताओ के आधार पर चाणक्य और विष्णुगुप्त दो अलग व्यक्तियो के नाम थे और अर्थशास्त्र के लेखक विष्णुगुप्त या कौटिल्य थे, चाणक्य नही।
10. कहा जाता है कि चाणक्य ने खुद डालने प्राण त्याग दिए थे। इसके पीछे दो धारणाये हैं। पहली के मुताबिक चाणक्य ने राजनीति से सन्यास ले लिया था और जंगल में जा कर अपने प्राण त्याग दिए गए। दूसरी धारणा के हिसाब से जब बिंदुसार(चंद्रगुप्त के पुत्र) को पता चला कि चाणक्य ही उनकी माँ की मौत के जिम्मेदार थे तब वो चाणक्य से नफ़रत करने लगे,और इसी नफरत की वजह से उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।

बेशक आचार्य चाणक्य एक महान शख्शियत थे जिनके विषय मे जितना कहा जाए कम ही होगा।

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