योगी इफेक्टः सीएम बनते ही उत्तर प्रदेशमें बूचड़खाने सील

उत्तर प्रदेश में चूनाव के भारी हंगामे के बिच योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया। बता दें की भगगवा पहनने वाले आदित्यनाथ की पहचान एक कट्टर हिन्दुवादी के तौर पर दी जाती हैं।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ के पद संभालने के तुरंत बाद प्रशासन ने दो बूचड़खानों को सील कर दिया है। सरकारी अधिकारी के मुताबिक एक साल पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इन दो बूचड़खानों को बंद करने का आदेश दिया था.

इलाहाबाद  के अताला क्षेत्र एवं बाहरी इलाके नैनी में एक एक बूचड़खाने को सील करने की सिफारिश थी। वहां अवैध कारोबार की खबर नहीं थी. पशु चिकित्सा विभाग ने पुलिस से नजर रखने को कहा था। से उत्तरप्रदेश में नयी कैबिनेट के शपथ लेने के कुछ घंटे के भीतर यह कदम उठाया गया.

अगर आंकडो पर नजर डालें तो शहर में करेली स्थित अटाला और कीडगंज के रामबाग में दो तथा नैनी के चकदोंदी मोहल्ले में बूचड़खाने हैं। मई 2016 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश को ध्यान में रख कर अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. प्रदेशमें 250 से अधिक अवैध बूचड़खाने हैं। हालांकी नगर निगम और संबंधित विभाग के अफसर कागज पर इन बूचड़खाने को बंद बता रहे हैं। वास्तविकता यह है कि इन बूचड़खानों में रोज सैकड़ों जानवर काटे जाते हैं.

बता दें की यूपी विधानसभा चूनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टीने अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों को सरकार बनते ही बंद कराने की घोषणा की थी। शपथ लेने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने बूचड़खानों को बंद कराने की घोषणा कर मोदी का किया हुआ वादा पूरा किया। इसके तुरंत बाद नगर निगम प्रशासन रविवार होने के बावजूद हरकत में आ गया और दो बूचड़खानों को सील कर दिया.

उत्तर प्रदेश को आरएसएस बिचारधारा का सीएम मिलने की वजह से अब राज्य में जानवर कटना बंद होंगे।

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