इस मंदिर के छत्र पर सूर्य की रोशनी घूमती हुई दिखाई देती है और शिवलिंग बदलता रहता है रंग !

हमारा भारत ही एक मात्र ऐसा देश है जहाँ अनगिनत मंदिर पाए जाते है , वैसे ही यहाँ पर बहूत सारे चमत्कारिक शिवलिंग देखने को मिलते है और इसी के आधार पर शिव को सत्य माना जाता है .

अब शिव जी के बारे में और शिव लिंग के बारे में आपने अनेकों बातें सुनी होगी और देखि होगी ऐसे ही आज हम आपके लिए एक अनोखी बात लेकर आये है एक शिवलिंग है जो की रंग बदलता है और जब वो रंग बदलता है तो मानो ऐसालगता है की उस मंदिर की छत सूरज की पदनी वाली किरणों साथ घूम रही है

अब आप ये जानने के लिए उत्सुक्त होंगे की उस मंदिर में ऐसी क्या खास बात है तो चलो हम आपको बताते है  .

यह मंदिर उत्तर प्रदेश में स्थित है और वहां एक जिला है जिसका नाम है ओयल कस्बेऔर ये क़स्बा मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर है.

इस पवित्र मंदिर में नर्मदेश्वर महादेव को स्थापित किया गया है

खास बात यह है की यह  मंदिर एक मेढक के ऊपर बनाया गया है

आपको ये जानकार हैरानी होगी की इसमें स्थापित शिवलिंग हमेसा अपना रंग बदलता रहता है और जैसे जैसे ये छात्र घूमता है वैसे सूरज की किरण इन पर पड़ती हिया इसका नजारा भी देखने वाला होता है

और यहाँ पर नदी के अन्दर मूर्ति खडी  हुई देखने को मिलती है जो किसी और मंदिर में नहीं  मिलती

इस मंदिर की एक और खास बात है वो है की ये मंदिर तांत्रिक मंडूक तंत्र के ऊपर बनाया गया है और अचंभित करने वाली एक और बात है जब आप इस मंदिर के बाहर जायेंगे और वहां की मूर्ति देखेंगे तो हैरान हो जायेंगे वो मूर्तियाँ बाहर जो दीवार पर लगी है जो शिव साधना मेंलीन है उसके अन्दर भी तांत्रिक मन्त्र रखा हुआ है . लोगों के अनुसार यह  मंदिर राजस्थान की स्थापत्य कला  ली यादगार में बनाया गया है वैसे तो ये मंदिर मेंढक के पीठ पर ऊपर लगभग 100 फिट ऊँचा है.

मान्यताओं के अनुसार इस  मंदिर का निर्माण ओयल देश के राजा बख्त सिंह ने लगभग 200 साल पूर्व  स्थापित करवाया था. इस मंदिर की स्थापना के पीछे  मुख्य रूप से दो बातें कही जाती है.

सही तरीके से जीते गए पैसे को महराजा ने नेक काम में लगा दिया था वो धन को वापस कहीं नहीं ले गए बल्कि पहली यह कि राजा ने  युद्ध से  जीते हुए  धन के सही उपयोग हेतु यह मंदिर बनवाया गया था

और दूसरी बात यह है की अकाल से बचने हेतु तांत्रिक की राय से इस मंदिर का निर्माण कराया गया.

इस  मंदिर में सुन्दर नकास्शी तो है ही पर उसके साथ ही चारों तरफ सुंदर गुम्बज बना हुआ है और यहाँ एक खास तरह का कुआं है जिसके लिए कहा जाता है कि इस  कुएं  से  जो पानी  मिलता है वह जमीन तल के अन्दर में  ही मिलना संभव है.

और अब आप  जान सकते है की इस जगह का नाम यह शिवलिंग नर्मदा नदी से लाया जाने के कारण इसका नाम  नर्मदेश्वर महादेव नाम से सब जगह प्रसिद्ध होगया .

यहाँ मंदिर में लोग बड़ी आस्था के साथ अन्दर आते है और अपनी मनोकामना पूरी करने की बात कह के जाते है और बड़ी श्रधा के साथ जल अभिषेक करते है . इस तरह आप इसके बारे में और जानकारी जरुर प्राप्त करेंगे

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